पुलिस पर फायरिंग करने वाले को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सुनाई 4 साल की सजा

पुलिस पर फायरिंग करने वाले को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सुनाई 4 साल की सजा

पुलिस पर फायरिंग करने वाले को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सुनाई 4 साल की सजा
पुलिस पर फायरिंग करने वाले को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सुनाई 4 साल की सजा

रूद्रपुर : पुलिस पर फ़ायर करने वाले शराब माफिया को द्वितीय अपर ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती शादाब बानो ने 4 वर्ष के कठोर कारावास और 8800 रूपये जुर्माने की सज़ा सुना दी ।

सहायक ज़िला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह ने बताया कि 11 अगस्त 2010 की रात 10-30 गदरपुर थानाध्यक्ष मनोज रतूड़ी टीम के साथ क्षेत्र में भ्रमण कर रहे थे तो मुखबिर ने आकर बताया कि गुलरभोज की तरफ़ से कुछ बदमाश इण्डिको कार में शराब के बोरे लेकर आ रहे हैं । 

एसओ मनोज रतूड़ी टीम के साथ फतेहगंज सैदलीगंज चौराहे पर पहुँचे और पोजिशन ले ली,जब कार आयी तो उन्होंने रोकने का प्रयास किया पर कार चालक ने कार को तेज़ी से मोड़कर भगाने लगा,जैसे ही पुलिस ने रोकने का प्रयास किया

तो कार चालक ने जान से मारने की नियत से पुलिस पर फ़ायरिंग कर दी लेकिन पुलिस वालों ने कूदकर जान बचा ली और कॉन्स्टेबल जितेंद्र सिंह ने कार चालक पर फायर कर दिया ।

जिससे बचने के लिए कार को लहराया तो कार सड़क से नीचे उतरकर धँस गयी तो पुलिस ने घेराबंदी कर पकड लिया ।पुलिस ने कार चालक सुनील कुमार पुत्र भोलाराम निवासी ग्राम दानपुर एवं साथ बैठे मलकीत सिंह पुत्र जगीर सिंह निवासी ग्राम अर्जुनपुर से एक एक 315 बोर के तमंचे व कारतूस बरामद किए ।

पुलिस ने कार की तलाशी ली तो देखा कि पिछली सीट से दो सूती बोरे रखे थे जिनमें पाउचों में 300 लीटर कच्ची शराब थी ।दोनों के विरूद्ध द्वितीय अपर ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती शादाब बानों के न्यायालय में मुक़दमा चला सुनवाई के दौरान मलकीत सिंह की मौत हो गई , सुनवाई के दौरान एडीजीसी अनिल कुमार सिंह ने 7 गवाह पेश कर आरोप सिद्ध कर दिया।

जिसके बाद न्यायाधीश महोदय ने आरोपी सुनील कुमार को धारा 307 के तहत 4 वर्ष के कठोर कारावास और 2000 रूपये जुर्माने,धारा 25 आर्मस एक्ट के तहत 1 वर्ष के कठोर कारावास और 1000 रूपये जुर्माने,धारा 60 आबकारी अधिनियम के तहत 6 माह के कारावास और 5000 रूपये जुर्माने,धारा 177 के तहत 300 रूपये तथा धारा 181 के तहत 500 रूपये जुर्माने की सज़ा सुना दी ।

ब्यूरो चीफ : एम सलीम खान की रिपोर्ट