भारतीय जागृति मिशन के संस्थापक सुरेश गुप्ता ने विभिन्न जिलों में हो रहे उत्पीड़न पर राष्ट्रपति भवन में सौंपा ज्ञापन

भारतीय जागृति मिशन के संस्थापक सुरेश गुप्ता ने विभिन्न जिलों में हो रहे उत्पीड़न पर राष्ट्रपति भवन में सौंपा ज्ञापन

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भारतीय जागृति मिशन के संस्थापक सुरेश गुप्ता ने विभिन्न जिलों में हो रहे उत्पीड़न पर राष्ट्रपति भवन में सौंपा ज्ञापन
भारतीय जागृति मिशन के संस्थापक सुरेश गुप्ता ने विभिन्न जिलों में हो रहे उत्पीड़न पर राष्ट्रपति भवन में सौंपा ज्ञापन

संवाददाता सुजीत कुमार : भारतीय जागृति मिशन के संस्थापक एवं प्रबंधक सुरेश गुप्ता जी ने दिनांक 22/2/23/ को राष्ट्रपति भवन एवं गृह मंत्रालय को लाइटर लेकर गए पीड़ितों को न्याय दिलाने हेतु ज्ञापन सौंपा श्री गुप्ता ने बताया की उन्हें आश्वासन भी दिया गया है की आपको मदद जरूर मिलेगी ।

उन्होंने लेटर जारी कर ज्ञापन सौंपा है साथ में यह भी कहा कि यदि 15 दिन के अंदर कोई कार्यवाही नहीं हुई तो संस्था के द्वारा हर जिले में एवं मुख्यमंत्री एवं डीएम का घेराव एवं धरना प्रदर्शन किया जाएगा ।

जब तक पीड़ित को न्याय नहीं मिलती है तब तक धरना जारी रहेगा । संस्थापक जी ने तीन लोगों की अलग-अलग समस्या लेकर गए थे ।उनका का एक ही सपना था बचपन से की शोषित वंचित की मदद करना है जो करते चले आ रहे हैं ।नर सेवा नारायण सेवा भी इनका नारा है।

को आश्वासन दिया एवं संस्था के अध्यक्ष श्री ओम साहू जी पीड़ित रजनी के मदद के लिए हाथ बढ़ाया संस्था का लाइटर भी जारी किया गया आदरणीय राष्ट्रपति जी आदरणीय प्रधानमंत्री जी आदरणीय अमित शाह गृहमंत्री जी आदरणीय जिलाधिकारी महोदय बाराबंकी जी नेता जारी कर पीड़ित को न्याय दिलाने हेतु आशा जताई है 

पत्नी अमर सिंह निवासी ग्राम बरेठी थाना कोतवाली देवा माती चौकी जिला बाराबंकी की मूल निवासी प्रार्थनी के पड़ोस के रहने वाले श्री कृष्ण पुत्र खुशीराम एवं रुचि पत्नी श्री कृष्णा एवं शांति देवी पत्नी खुशीराम निवासी उपरोक्त प्रार्थनी को हमेशा रास्ता आने जाने का विरोध करते हैं।

देखते ही मां बहन की भद्दी भद्दी गालियां देते हैं इसी को लेकर16/62021 को प्रार्थनी के घर में घुसकर रात्रि करीब 10:00 बजे जान से मारने के उद्देश्य से लाठी डंडा एवं लोहे के राड लेकर घर में घुस आए विरोध करने पर प्रार्थनी एवं प्रार्थनी के पति पर बेतहाशा हमला कर दिया।

जिससे दोनों लोग का सर फट गाय एवं गंभीर रूप से घायल हो गए तभी बेहोशी की हालत में गांव वालों नेथाना देवा मैं किसी तरह से पहुंचाया प्रार्थना पत्र दीया थाने की पुलिस प्रार्थना पत्र पर डॉक्टरी परीक्षण कराया मगर मुकदमा पंजीकृत नहीं किया थक हार कर प्रार्थना पत्र पुलिस अधीक्षक बाराबंकी को दीया मगर आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।

तब जाकर माननीय न्यायालय 156 3 के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया उसी को लेकर 7/11/ 2022 को सुला करने का दबाव बनाने लगे जब सुला ना करने से साफ मना कर दिया तो एक बार पुनः7/11/2022को प्रार्थिनी के पति पर हमला कर दिया लाठी डंडा एवं लोहे की राड लेकर श्री कृष्ण पुत्र खुशीराम रुचि पत्नी श्री कृष्णा शांति देवी पत्नी खुशीराम एवं।

उनके सहयोगी अनिल उर्फ जल्ला एवं सत्यवती एक राय होकर प्रार्थिनी को अकेला देखकर घर पर हमला कर दिया सुलाना ना करने पर जान से मारने कीधमकी देते हुए प्राथनी पर बेतहाशा हमला कर दिया जिससे प्रार्थिनी का सर फट गया बेहोश हो गयी किसी तरह प्रार्थनी एवं।

उसके पति की जान बची तुरंत प्रार्थिनी होस में आने के थाना देवा में प्रार्थना पत्र दिया मगर कोई कार्यवाही नहीं हुई तब जाकर प्रार्थनी ने 12/11(2022/ श्रीमान पुलिस अधीक्षक बाराबंकी को न्याय हेतु प्रार्थना पत्र दिया मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

प्रार्थीनी थक हार कर श्रीमान जिलाधिकारी महोदय बाराबंकी को अट्ठारह18/ 11 /2022 को न्याय हेतु एक प्रार्थना पत्र दिया मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई प्रार्थिनी को लाठी-डंडों एवं बेल्लचा से मारा पीता प्रार्थिनी ने थाना देवा में घटना की सूचना दिया मगर देवा की पुलिस कोई कार्रवाई नहीं की।

तब जाकर श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय बाराबंकी को एक प्रार्थना पत्र न्याय हेतु दिया उल्टा देवा की पुलिस प्रार्थिनी एवं प्रार्थनी के पति पर 107/16/ की कार्यवाही कर दी गई विपक्षी की तरफ से सिर्फ 2 लोगों को 107/16/श्री कृष्णा एवं रुचि को शामिल किया गया बल्कि देवा थाना माती चौकी की पुलिस पैसों की दम पर चार मुलजिम को।

आजाद कर दिया 14/1/2023/ प्रार्थिनी ने अपर पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश शासन को एक प्रार्थना पत्र मिल कर दिया हाथों हाथ दीया मगर कोई कार्यवाही नहीं हुई एक प्रार्थना पत्र 14 /1/ 2023 को राज्य महिला आयोग को दिया मगर आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।

जो कि प्राथनी एवं एक प्रार्थना पत्र 16/1/2023/को माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश शासन को दिया मगर आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई परिवार पिछले/3बिल्कुल घर छोड़कर लखनऊ में रोड के किनारे पन्नी डालकर रहने पर मजबूर है छोटे-छोटे तीन बच्चे प्रार्थनी एवं।

प्राथनी का परिवार इतनी सर्द रातों में खुली जगह में रहने पर मजबूर हैं एवं न्याय की उम्मीद है जताई जा रही है विपक्षी गढ़ दबंग एवं भूमाफिया किस्म के व्यक्ति स्थानीय पुलिस से उठना बैठना है।

एवं मिलीभगत से बड़े-बड़े राजनेताओं से पकड़ होने के कारण प्रार्थिनी का परिवार काफी डरा है एवं सहमा है किसी भी वक्त प्रार्थिनी के परिवार पर जानलेवा हमला हो सकता है 

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