उत्तराखंड मै सत्संग के नाम पर हिंदू संस्कृति खतरे की ओर

उत्तराखंड मै सत्संग के नाम पर हिंदू संस्कृति खतरे की ओर

उत्तराखंड मै सत्संग के नाम पर हिंदू संस्कृति खतरे की ओर किया जा रहा है स्थान कुमाऊं मंडल गरुड़ बागेश्वर रिपोर्ट गढ़वाल मंडल ब्यूरो चीफ विनोद पांडे एंकर आज हमारे द्वारा कुमाऊं मंडल के गरुड़ मैं चल रहे संत रामपाल के द्वारा सत्संग नाम दान केंद्र मैं जाकर देखा गया की यहां पर उत्तराखंड वासियों को जिस प्रकार गुमराह किया जा रहा है।

उसे लगता है आने वाले समय में उत्तराखंड देवभूमि कि अपनी संस्कृति विलुप्त हो जाएगी क्योंकि यहां पर जिन लोगों को सत्संग में जोड़ा जा रहा है उनसे अपने देवी-देवताओं की पूजा ना करना व मंदिरों मैं ना जाना और अपने पित्र कार्य आदि पूजन कार्यों को ना करना के साथ-साथ उन्हें सिर्फ संत रामपाल व संत कबीर की ही पूजा करना के लिए बाध्य किया जा रहा है।

और यहां पर बताया जा रहा है कि किसी को किसी भी प्रकार की बीमारी आदि है तो वह अपने आप ठीक हो जाएगी जिस कारण बीमार व्यक्ति व गरीब व्यक्तियों को अपने साथ जोड़ा जा रहा है जो की हिंदू संस्कृति के साथ-साथ देवभूमि में आने वाले समय मैं यहां की धर्म के प्रति आस्था को दम करने का प्रयास किया जा रहा है ।

आप क्या उत्तराखंड सरकार ऐसे संघों पर रोक लग जाती है या उत्तराखंड का अस्तित्व को खत्म होने मैं सहयोग करती है लेकिन कुछ ग्रामीणों का कहना है कि इन के खिलाफ उत्तराखंड सरकार रोक नहीं लगवाती है तो मजबूरन जनता को जनहित में आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा बाकी आपको दिखाते हैं संचालकों के द्वारा जो हमें बताया गया है।