उत्तराखंड में सरकारी अधिकारियों ने किया प्रधानमंत्री किसान समान निधि में अपात्रओ का चयन

उत्तराखंड में सरकारी अधिकारियों ने किया प्रधानमंत्री किसान समान निधि में अपात्रओ का चयन

उत्तराखंड में सरकारी अधिकारियों ने किया प्रधानमंत्री किसान समान निधि में अपात्रओ का चयन
उत्तराखंड में सरकारी अधिकारियों ने किया प्रधानमंत्री किसान समान निधि में अपात्रओ का चयन

अब उत्तराखंड सरकार कर रही है वसूली आखिर जिम्मेदार है कौन स्थान चमोली रिपोर्ट ब्यूरो चीफ विनोद पांडे एंकर चमोली से इस समय बड़ी खबर सामने आ रही है की जिले में अधिकारियों की मिलीभगत के कारण अपात्र लोगों का प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि मैं चयन किया जिसके बाद उक्त व्यक्तियों को किसने भी प्राप्त हुई लेकिन अब उत्तराखंड सरकार इन लोगों से किस्तें वसूल कर रही है ।

जबकि कुछ ग्रामीणों का कहना है की जो कि हमें प्राप्त हुई है उसके बराबर का खर्चा हमारे द्वारा किया गया लेकिन यदि हम अपात्र थे तो हमारे फार्म को रिजेक्ट क्यों नहीं किया गया क्योंकि जो किस तरह में मिली थी

उससे हमने अपने खाद बीज हेतु खर्च कर दिया और अब हमसे वसूली हेतु नोटिस जारी किया जा रहा है और साथ में चेतावनी भी दी जा रही है की यदि 1 हफ्ते के अंदर बकाया राशि जमा नहीं की जाती है तो भू राजस्व की भांति तहसील द्वारा वसूल की जाएगी।

जिससे जिला चमोली मे स्थानीय ग्रामीणों मैं दहशत का माहौल बना हुआ है और कई लोग मानसिक पीड़ा भी झेल रहे हैं इसी क्रम में हम आपको दिखाते हैं जिला कृषि अधिकारी चमोली द्वारा बृजमोहन पुत्र दयाल सिंह ग्राम ग्वाण विकासखंड दसौली जिला चमोली को किया गया नोटिस पत्र जिसमें इस व्यक्ति को अपात्र घोषित किया गया है लेकिन यह घोषित नहीं किया गया की किस मानक के अंतर्गत यह व्यक्ति अपात्र है।

जबकि इस पर आठ किस्त व ₹16000 रुपए वसूली हेतु नोटिस जारी किया गया है लेकिन ग्रामीणों का कहना है की यह धनराशि हम से नहीं संबंधित अधिकारी से वसूली जाए क्योंकि अधिकारी ने बिना मानक के हमारे फार्म क्यों जमा किए लेकिन ग्रामीण अन्य चीज बताने से डर रहे हैं ।

जबकि इसमें रिश्वत आदि के मामले बनते हैं क्या अब उत्तराखंड सरकार इस विषय पर जांच कर दोषी अधिकारियों से इस धनराशि को वसूल करेगी या अधिकारियों को बचाते हुए गरीब किसानों से वसूल करेगी यह देखने वाली बात होगी कि उत्तराखंड सरकार भ्रष्टाचार मैं क्या कड़ी कार्रवाई करती है या नहीं।