आर्य समाज धामावाला के सौजन्य से चतुर्दिवसीय वेद प्रचार- प्रसार महोत्सव का समापन

आर्य समाज धामावाला के सौजन्य से चतुर्दिवसीय वेद प्रचार- प्रसार महोत्सव का समापन

आर्य समाज धामावाला के सौजन्य से चतुर्दिवसीय वेद प्रचार- प्रसार महोत्सव का समापन
आर्य समाज धामावाला के सौजन्य से चतुर्दिवसीय वेद प्रचार- प्रसार महोत्सव का समापन

आर्य समाज धामावाला के सौजन्य से चतुर्दिवसीय वेद प्रचार- प्रसार महोत्सव के समापन का कार्यक्रम बड़ी धूम-धाम व सहर्षोल्लास से दिनांक 25-09-2022 को संपन्न हुआ I चतुर्दिवसीय वेद प्रचार -प्रसार महोत्सव के चतुर्थ एवं अन्तिम दिवस के कार्यक्रम में आचार्य योगेंद्र याज्ञिक जी गुरुकुल होशंगाबाद (मध्य प्रदेश), ने अपने प्रवचन में संस्कृति और सभ्यता के अन्तर पर विस्तृत चर्चा करते हुए वैदिक सनातन संस्कृति पर गौरव करने को कहा I 

अपनेखान-पान, अपनी वेश-भूषा, अपनी भाषा अपने रीति -रिवाज़ आदि पर गर्व करना प्रत्येक आर्य का धर्म है I वर्तमान सामाजिक वातावरण के परिवेक्ष में वैदिक सनातन धर्म पर चर्चा करते हुए आचार्य जी ने कहा कि अपने को सुधारने का कार्य स्वयं को ही करना पड़ेगा तभी ईश्वर का साथ मिल पायेगा I हमारे घरों में प्रत्येक दिवस पञ्च महायज्ञ- ब्रह्म यज्ञ; देव यज्ञ-अग्निहोत्र; पितृ यज्ञ - अतिथि यज्ञ तथा बालिवैश्वयज्ञ; संस्कारों को अपनाना पड़ेगा I

 पितृयज्ञ के विषय पर विस्तृत चर्चा करते हुए आचार्य जी ने बताया कि जीवित माता-पिता; वरिष्ठ सदस्यों; गुरु जनों की सेवा - सुश्रु, करना पितृयज्ञ कहलाता है I जीवित माता-पिता की श्रद्धा से की हुई सेवा को श्राद्ध और समर्पण भाव से की हुई सेवा को तर्पण कहते हैं I जब मरने के पश्चात् आत्मा शरीर से पृथक होती है तो श्राद्ध का भोजन पितरों को नहीं मिल सकता I 

आर्य समाज धामावाला द्वारा आयोजित चतुर्दिवसीय वेद प्रचार-प्रसार के अन्तिम दिवस के प्रातः कालीन कार्यक्रम का आयोजन आर्य समाज धामावाला में संपन्न हुआ I कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती सविता कपूर जी, विधायक (गढ़ी कैंट) ने अपने उद्बोधन में भारत तथा विश्व के अन्य देशों में आर्य समाज के द्वारा वैदिक संस्कृति के प्रचार-प्रसार के कार्यों की सराहना करते हुए बधाई और शुभकामनाएं दीं I 

मुख्यअतिथि का श्रीमती शैल ढींगरा जी, श्रीमती सुदेश भाटिया जी, श्रीमती स्नेहलता खट्टर जी एवं श्रीमती मधु आर्य जी द्वारा शॉल ओढ़ा कर सम्मान किया गया I आचार्य जी तथा यजमान श्री हर्षवर्धन जी द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट किया गया I सांयकालीन सत्र का आयोजन आर्य समाज कोलागढ़ में किया गया I

चतुर्दिवसीय कार्यक्रम में विख्यात वैदिक विद्वान आचार्य योगेंद्र याग्निक जी (गुरुकुल होशंगाबाद) की प्रेरणादायक वेदवाणी की गंगा में श्रोताओं ने गोते लगाए और आत्मिक एवं आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया I अमृतसर से पधारे पं. दिनेश पथिक जी भजनोपदेशक ने ईश्वर भक्ति, देश भक्ति, ऋषि दयानन्द जी के भजनों, उपदेशों व संगीत के माध्यम से वातावरण को भक्तिमय बना दिया I यज्ञ ब्रह्मा के रूप में आर्य समाज धामावाला के पुरोहित आचार्य विद्यापति शास्त्री जी ने सभी यजमानों द्वारा देव यज्ञ संपन्न करवायाI

देहरादून नगर के भिन्न भिन्न क्षेत्र में जिन आर्य जनों के निवास पर कार्यक्त्रम आयोजित किया गया उनके नाम है :-

1. श्री शंकर सिंह क्षेत्री जी ; 2. श्रीमती माला बाली जी एवं श्री जगमोहन बाली जी ; 3. श्रीमती अंजू मोहन जी एवं श्री हरी मोहन रस्तोगी जी 4. श्रीमती स्नेहलता खट्टर जी एवं श्री देस राज खट्टर जी;

5. श्रीमती रीता शेखरी जी एवं श्री प्रमोद शेखरी जी ; 6. श्रीमती उमा आर्य जी एवं डॉ. सत्येंदर कुमार आर्य जी 7. श्रीमती मधु आर्य एवं श्री हर्षवर्धन आर्य I      

कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने में जिन आर्यजनों ने भाग लिया उनके नाम हैं : श्री ज्ञान चन्द गुप्ता जी, श्रीमती शीला गुप्ता जी, श्री सतीश चन्द जी, श्री धीरेन्द्र मोहन सचदेव जी, श्रीमती नवीन सचदेव जी, श्री ओम प्रकाश नांगिया जी, श्रीमती सुमिता चड्ढा जी, श्रीमती सुनीता गुरुवारा जी

श्रीमती शैल ढींगरा जी, श्रीमती अरुणा गुप्ता जी, श्रीमती सुनीता चड्ढा जी, श्रीमती मृदुला गुलाटी जी, श्री लक्ष्मण दास आर्य जी, श्री विश्वमित्र गोगिया जी, श्रीमती एवं श्री नारायण दत्त पंचाल जी, श्री अश्विनी पंचाल जी, श्री अलोक कुमार जी, श्री कुलभूषण कठपालिया जी, श्री विनीत कुमार मदान जी, 

श्रीअशोक कुमार जी, श्री प्राण नाथ खुल्लर जी, डॉ आदित्य आर्य जी, श्रीमती सुदेश भाटिया जी, श्री पवन कुमार जी, श्री बसंत कुमार जी, श्री सूर्य देव चावला जी, श्री अशोक नारंग जी, श्री आदर्श कुमार अग्रवाल जी

श्री अशोक तलवार जी, श्री ओम प्रकाश चावला जी, श्री दिलीप कुमार आर्य जी , श्री प्रताप सिंह रोहिल्ला जी, श्री सुभाष चंद्र गोयल जी, श्री हर्ष देव शर्मा जी, तथा आर्य समाज कोलागढ़, स्त्री आर्य समाज करणपुर, आर्य समाज लक्ष्मण चौक के पदाधिकारी व सदस्य गण I  

श्री नवीन भट्ट जी , मंत्री ने कार्यक्रम का सञ्चालन बहुत ही सुन्दर ढंग संपन्न करवाया I श्री सुधीर गुलाटी जी ने वैदिक विद्वान के उपदेशों , भजनोपदेशक के भजनों तथा यज्ञ ब्रह्मा का सक्षिप्त वर्णन करते हुए उनके मार्गदर्शन व प्रस्तुति पर आभार प्रकट किया I उन्होंने सभी यजमान परिवार, दान दाताओं, श्रोताओं पदाधिकारियों, सदस्यों व अन्य श्रोताओं का उनके योगदान के लिए धन्यवाद् प्रकट किया I