आर्य समाज धामावाला का त्रिदिवसीय १४२ वन वार्षिक महोत्सव सहर्षोंल्लास सम्पन्न 

आर्य समाज धामावाला का त्रिदिवसीय १४२ वन वार्षिक महोत्सव सहर्षोंल्लास सम्पन्न 

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आर्य समाज धामावाला का त्रिदिवसीय १४२ वन वार्षिक महोत्सव सहर्षोंल्लास सम्पन्न 
आर्य समाज धामावाला का त्रिदिवसीय १४२ वन वार्षिक महोत्सव सहर्षोंल्लास सम्पन्न 

तीन दिन से चल रहे आर्य समाज धामावाला के अंतिम दिवस दिनांक 27-11-2022 के कार्यक्रम में यजमान परिवारों के रूप में डॉ.अंशु आर्य जी एवं डॉ राजीव आर्य जी ; श्रीमती अंजना वाही जी एवं डॉ विनोद वाही जी तथा श्रीमती संगीता वर्मा जी एवं श्री राजीव वर्मा जी उपस्थित रहे I

 गुरुकुल पौंधा के ब्रह्मचारियों द्वारा वेद मन्त्र -घन पाठ का वIचन किया गया I कन्या गुरुकुल महाविद्यालय की कन्यायों द्वारा भजन की प्रस्तुति के उपरान्त श्री श्रद्धानन्द बाल वनिता आश्रम के बच्चों द्वारा स्वामी श्रद्धानन्द के बलिदान पर एक लघु नाटिका प्रस्तुत की गयी I

आचार्य आनन्द पुरुषार्थी जी ने संतानों को वेद पढ़ने और स्वाध्याय करने की परंपरा को आगे बढ़Iने व संस्कारी बनने के लिए प्रेरित किया I बालिकाओं को अन्य शिक्षा के साथ साथ अपनी रक्षा हेतु शस्त्र विद्या भी सिखानी चाहिए I उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार को चाहिए कि वे एक बालक को गुरुकुल शिक्षा अवश्य दिलवाएं तो वैदिक संस्कृति बच सकती है I

मुनि शुचि षत जी ने कहा कि ईश्वर एक है; धर्म एक है- जो सब के लिए एक हो, जो सब को जोड़े I जो तोड़े वह धर्म नहीं हो सकता I ईश्वर ने प्रथम ज्ञान वेदों के रूप में संस्कृत भाषा में दिया I वैदिक संस्कृति पर विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि अपने को दुःख होने पर भी जो दूसरों को सुखी करने का उपाय करे वह संस्कृति है , अन्य सभ्यताएं हैं I

अतिथि को भगवान का रूप में मानते हुए स्वागत करना - यह संस्कृति है I छुरी - कांटे से भोजन खाना सभ्यता हो सकती है संस्कृति नहीं I सभ्यता कई प्रकार की हो सकती हैं संस्कृति नहीं I उन्होंने आत्मा और शरीर के भेद को दृष्टान्त द्वारा विस्तार से समझाया I 

सम्मान समारोह में देहरादून नगर के प्रतिष्ठित समाज सेवियों जिन्होंने वैदिक संस्कृति व समाज के प्रति अपनी सेवाएं प्रदान की हैं उनको सम्मानित किया गया जिनमे डॉ RK मेहता जी सेवानिवृत प्रिंसिपल DAV PG कॉलेज, डॉ नवदीप कुमार जी, सेवानिवृत प्रोफिसोर DAV कॉलेज, श्रीमती निर्मला सिंह, समाज सेवी, तथा सुश्री संतोष आर्य जी, संचालिका कन्या गुरुकुल महाविद्यालय मुख्य रहे I

भजनोपदेशक श्री भानु प्रकाश शास्त्री जी ने भजनों के माध्यम से ईश्वर का गुणगान किया I

कार्यक्रम में श्री ज्ञान चन्द गुप्ता जी, श्री शंकर सिंह क्षेत्री जी, श्रीमती सुदेश भाटिया जी, श्रीमती शैल ढींगरा जी, श्रीमती शीला गुप्ता जी, श्री अशोक नारंग जी, श्रीमती एवं श्री अशोक तलवार जी, श्री विश्वमित्र गोगिया जी, श्री नारायण दत्त पांचाल जी, श्री सुधीर गुलाटी जी, श्री धीरेन्द्र मोहन सचदेव जी, श्री धर्मवीर तलवार जी, श्रीमती सुनीता गुरुवारा जी,

श्रीमती मृदुला गुलाटी जी, श्रीमती नवीन सचदेव, श्री गंभीर सिंह सिंधवल जी, श्रीमती एवं श्री नरेश गर्ग जी, श्री बसंत कुमार जी, श्रीमती उमा आर्य जी, डॉ सत्येंद्र आर्य जी, श्री दयानन्द तिवारी जी, श्री राम बाबू सैनी जी

आर्य समाज डोभरी के प्रधान मंत्री, स्त्री आर्य समाज आर्य समाज डोईवाला, भोगपुर, आर्य समाज शंकर पुर तथा अन्य समाजों के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे I मंच का सञ्चालन श्री नवीन भट्ट जी द्वारा किया गया I

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