आर्य समाज धामावाला द्वारा आयोजित चतुर्दिवसीय वेद प्रचार-प्रसार महोत्सव के कार्यक्रम के प्रथम दिवस के प्रथम सत्र में गुरुकुल होशंगाबाद से पधारे आर्य जगत के वैदिक विद्वान आचार्य योगेंद्र याज्ञिक जी

आर्य समाज धामावाला द्वारा आयोजित चतुर्दिवसीय वेद प्रचार-प्रसार महोत्सव के कार्यक्रम के प्रथम दिवस के प्रथम सत्र में गुरुकुल होशंगाबाद से पधारे आर्य जगत के वैदिक विद्वान आचार्य योगेंद्र याज्ञिक जी

आर्य समाज धामावाला द्वारा आयोजित चतुर्दिवसीय वेद प्रचार-प्रसार महोत्सव के कार्यक्रम के प्रथम दिवस के प्रथम सत्र में गुरुकुल होशंगाबाद से पधारे आर्य जगत के वैदिक विद्वान आचार्य योगेंद्र याज्ञिक जी
आर्य समाज धामावाला द्वारा आयोजित चतुर्दिवसीय वेद प्रचार-प्रसार महोत्सव के कार्यक्रम के प्रथम दिवस के प्रथम सत्र में गुरुकुल होशंगाबाद से पधारे आर्य जगत के वैदिक विद्वान आचार्य योगेंद्र याज्ञिक जी

आर्य समाज धामावाला द्वारा आयोजित चतुर्दिवसीय वेद प्रचार-प्रसार महोत्सव के कार्यक्रम के प्रथम दिवस के प्रथम सत्र में गुरुकुल होशंगाबाद से पधारे आर्य जगत के वैदिक विद्वान आचार्य योगेंद्र याज्ञिक जी ने

ईश्वर स्तुति प्रार्थना और उपासना के विषय में वेद मन्त्रों के आधार पर चर्चा करते हुए बताया की मानव का लक्ष्य जीवन में सुख की प्राप्ति करना है I जिसके लिए मानव समय समय पर पुरुषार्थ करता रहता है I 

सुखचार प्रकार के होते हैं जिसकी प्राप्ति के लिए भिन्न भिन्न यत्न करने पड़ते हैं I I शारीरिक (विकास) सुख के लिए पौष्टिक भोजन के साथ व्यायाम, योग आदि ; बौद्धिक विकास के लिए ज्ञान प्राप्ति; मानसिक (मन) सुख के लिए भावनात्मक चिंतन व संकल्प आवश्यक है I आत्मा के सुख के लिए ईश्वर भक्ति, संध्या, उपासना, यज्ञ आदि अनिवार्य है I

आत्मिक उन्नति के लिए ईश्वर को प्रतिक्षण प्रतिपल स्मरण करते हुए उपासना का निरंतर अभ्यास करते रहना चाहिए जिससे मन निर्मल होता है, और आनन्द की अनुभूति होती है I वेद मन्त्रों के आधार पर एवं दृष्टांतों के माध्यम से आचार्य जी ने बताया कि ईश्वर ने आत्मोन्नति के लिए जो साधन दिए हैं उनका आसक्ति रहित, त्यागपूर्वक, संयम रखते हुए सदुपयोग व भोग करते हुए जीवन व्यतीत करना चाहिए I तभी हम ईश्वर के अमृत पुत्र कहलायेंगे I

कार्यक्रम का शुभारम्भ दिनांक 22 सितम्बर 2022 की प्रातः वेद मन्त्रों के उच्चारण के साथ आचार्य विद्यापति शास्त्री जी द्वारा यज्ञ से हुआ I तदुपरांत विश्व विख्यात भजनोपदेशक पं दिनेश पथिक जी ने भजनों के माध्यम से वेद महिमा और ईश्वर भक्ति के विषय में भजनों के माध्यम से उपस्थित आर्य जनों को आनन्दित किया I 

प्रातःकालीन सत्र का कार्यक्रम यजमान श्री शंकर सिंह क्षेत्री जी के निवास स्थान कोलागढ़ में और सांय कालीन सत्र का कार्यक्रम यजमान श्रीमती माला बाली जी एवं श्री जगमोहन बाली जी के निवास स्थान कैनाल रोड पर संपन्न हुआ I

आर्य समाज धामावाला के पदाधिकारियों व सदस्यों के अतिरिक्त अन्य समाजों व नगर के अन्य नगरवासियों तथा यजमान परिवार के सदस्यों व इष्ट मित्रों ने भाग लिया I  

चतुर्दिवसीय वेद प्रचार प्रसार कार्यक्रम का समापन दिनांक 25 -09 -2022 को प्रातः 8 -30 बजे से 12 -00 बजे तक आर्य समाज धामावाला में पूर्ण आहुति के कार्यक्रम तथा शंका समाधान के साथ होगा I सांयकालीन 3 -30 बजे से 6 -00 बजे तक आर्य समाज कोलागढ़ में भजन एवं प्रवचन का आयोजन किया गया है I आप सभी आमंत्रित हैं I