19 वर्ष बाद भी नहीं बन पाया गांधी नवोदय विद्यालय चिन्यालीसौड़ का भवन

19 वर्ष बाद भी नहीं बन पाया गांधी नवोदय विद्यालय चिन्यालीसौड़ का भवन

19 वर्ष बाद भी नहीं बन पाया गांधी नवोदय विद्यालय चिन्यालीसौड़ का भवन

प्रदेश सरकार की ओर से आवासीय राजीव गांधी नवोदय विद्यालय चिन्यालीसौड़ का अपना स्थाई भवन 19 वर्ष बाद भी नहीं बन पाया।भवन न बनने पर शिक्षक-अभिभावक काउंसिल ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।

साथ ही महाविद्यालय उत्तरकाशी से आए डॉक्टर ऋचा ने अभिभावकों को बालिका शिक्षा पर कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी।

सोमवार को राजीव गांधी आवासीय विद्यालय चिन्यालीसौड़ में शिक्षक अभिभावक काउंसिल की बैठक हुई। बैठक में विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉक्टर विनोद प्रकाश सेमवाल ने बताया कि 19 वर्ष पूर्व 2003 में धारकोट में राजीव गांधी नवोदय विद्यालय स्वीकृत हुआ था।

विद्यालय भवन के लिए ग्रामीणों ने 210 नाली जमीन शिक्षा विभाग को मुहैया कराई। 19 साल बाद भी अभी तक यहां विद्यालय भवन का निर्माण नहीं हो पाया है। वर्तमान में विद्यालय चिन्यालीसौड़ ब्लांक मुख्यालय पर ही संचालित हो रहा है।

जिससे हर वर्ष 60 छात्रों के स्थान पर 30 छात्रों को ही प्रवेश दिया जाता है। उन्होंने बताया कि सीबीएसई पैटर्न के इस विद्यालय में प्रॉपर लैब व पुस्तकालय की कमी है।  

मोरी विकासखंड से आए अभिभावक मनवीर रावत ने पुरोला विधायक दुर्गेश लाल व यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल से राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में सहयोग की अपील की जिस पर उन्होंने सहयोग का भरोसा दिलाया।

रामचंद उनियाल राजकीय महाविद्यालय उत्तरकाशी की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर ऋचा बधानी ने अभिभावकों को बालिका शिक्षा पर बोलते हुए कहा कि अभिभावकों को बालिका व बालको की शिक्षा में भेद भाव आज भी दिखता है।उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा

डिग्री कॉलेजों में बालिकाओं की संख्या ज्यादा और बालको की संख्या हर वर्ष कम होती जा रही है। कारण साफ है कि 12 वी के बाद बालको को मेडिकल व इंजीनियरिंग की और भेज देते है। जबकि आज ही क्षेत्र में बालिकाएं बालको से आगे है।

उन्होंने अभिभावकों को अपने बच्चो को अच्छे संस्कार देने की भी अपील की।

कार्यक्रम का संचालन चंद्रपाल सिंह राणा ने किया। इस मौके पर सेवानिवृत प्रधानाचार्य मारकंडे प्रसाद नौटियाल,राजेश कुमार, रुकम चंद रमोला, प्रदीप नौटियाल,मनवीर सिंह,नरेंद्र सिंह,विनोद प्रकाश सेमवाल,चंद्रपाल सिंह राणा सहित बड़ी संख्या में अभिभावक व शिक्षाविद उपस्थित रहे।

ब्यूरो चीफ: मनमोहन भट्ट, उत्तरकाशी