महंगा पड़ेगा इस बार आतिशबाजी करना 20 फीसदी तक बढ़ सकती है कीमतें जानें वजह

राजस्थान में इस बार दिवाली पर पटाखों की कीमतों में करीब 20 तक इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है. इस बार दिवाली पर केवल ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति दी गई है. वहीं कच्चा माल महंगा होने से इनकी कीमतें बढ़ना तय माना जा रहा है

महंगा पड़ेगा इस बार आतिशबाजी करना 20 फीसदी तक बढ़ सकती है कीमतें जानें वजह
महंगा पड़ेगा इस बार आतिशबाजी करना 20 फीसदी तक बढ़ सकती है कीमतें

कोरोना की मार झेल रहे पटाखा बाजार (Cracker Market) को इस बार बूम मिलने की उम्मीद है. राजस्थान की गहलोत सरकार की ओर से दिवाली पर ग्रीन पटाखे चलाने की छूट देने के बाद आतिशबाजी व्यवसाय से जुड़े लाखों मजदूरों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है.

लेकिन केवल ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति होने के कारण इस बार पटाखों की कीमतों में उछाल (Price Jump) आना तय माना जा रहा है. आतिशबाजी के व्यवसाय से जुड़े जानकारों की मानें तो यह उछाल 20 फीसदी तक हो सकता है. राजस्थान में इस बार आतिशबाजी का बिजनेस 500 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है.

कोरोना काल के कारण पिछली बार पटाखे चलाने से वंचित रहे लोग इस बार आतिशबाजी को लेकर खासे उत्साहित हैं. उनका यह उत्साह आतिशबाजी व्यवसाय से जुड़े मजदूरों के चेहरे की रौनक बन रहा है.

आतिशबाजी व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि राजस्थान में पटाखा बनाने वाले मजदूरों की संख्या लाखों में है. चूंकि गत बार दिवाली पर पटाखों पर बैन था लिहाजा व्यापारी उसके नुकसान की इस बार भरपाई करने की कोशिश करेंगे. वहीं कच्चे माल के दामों में बढ़ोतरी हो गई है.

इसलिये पटाखों के दामों में बढ़ोतरी होना तय है. प्रदेश में वर्ष 2019 पटाखों का करीब 400 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था. इस बार इसके 500 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है.

उल्लेखनीय है कि राजस्थान सरकार ने इस बार दिवाली पर दो घंटे ग्रीन आतिशबाजी करने की छूट दी है. ग्रीन पटाखों के अलावा अन्य पटाखे बेचने और चलाने दोनों पर बैन है. नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माने प्रावधान किया गया है.

ग्रीन पटाखों के अलावा अन्य की बिक्री पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जायेगा. वहीं ग्रीन आतिशबाजी के अलावा अन्य किसी भी तरह की आतिशबाजी करने वाले से 2 हजार रुपये जुर्माना वसूला जायेगा.

राज्य सरकार ने दिवाली के अलावा नये वर्ष, गुरू पर्व और छठ पर्व भी सीमित समय के लिये ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति दी है. दिवाली पर पटाखे रात को 8 बजे से 10 बजे तक चलाये जा सकेंगे.