आरोपी महिला चिकित्सक और उसके सहयोगी राहुल को बचाने का प्रयास कर रहा है अस्पताल प्रशासन

आरोपी महिला चिकित्सक और उसके सहयोगी राहुल को बचाने का प्रयास कर रहा है अस्पताल प्रशासन

आरोपी महिला चिकित्सक और उसके सहयोगी राहुल को बचाने का प्रयास कर रहा है अस्पताल प्रशासन
आरोपी महिला चिकित्सक और उसके सहयोगी राहुल को बचाने का प्रयास कर रहा है अस्पताल प्रशासन

रुद्रपुर : जिला चिकित्सालय में कार्यरत महिला चिकित्सक डॉ बलजीत कौर और उनके सहयोगी राहुल को बचाने के फिराक में लगा है, जिला अस्पताल प्रशासन यह बात केन्द्रीय दिव्यांग कल्याण परिषद उत्तराखंड ईकाई के कार्यकारी अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार एम सलीम खान ने प्रेस को जारी एक बयान में कही है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आदेशों के बाद भी जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ राजेश सिन्हा द्वारा गठित समिति द्वारा आज तक इस मामले में बयान दर्ज नहीं किए गए हैं। जिसके बाद उन्होंने जिला अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के कुछ बड़े अधिकारी आरोपी महिला चिकित्सक डॉ बलजीत कौर और उनके सहयोगी राहुल को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।

जिसके फलस्वरूप आज तक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आदेश के बाद भी गठित समिति ने इस मामले में बयान दर्ज किए हैं। उन्होंने बताया कि अब इस मामले में पुनः मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य सचिव सहित उत्तराखंड के राज्यपाल से शिकायत की गई है।

उन्होंने बताया कि फोन पर बातचीत में स्वास्थ्य सचिव ने इस मामले को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया है। वही उन्होंने आरोप सिद्ध होने पर महिला चिकित्सक डॉ बलजीत कौर और सहयोगी राहुल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है। बता दें कि बीते कुछ माह पहले रुद्रपुर की खेड़ा कालोनी में दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था।

जिसमें जमीर नामक युवक बुरी तरह घायल हो गया था।उसे देर रात जिला अस्पताल ले जाय गया था। मारपीट के इस मामले में महिला चिकित्सक डॉ बलजीत कौर और उनके सहयोगी स्वास्थ्य कर्मी ने मेडिकल बनाने के नाम पर पैसे ऐठ लिए थे।जब इस मामले की भनक वरिष्ठ पत्रकार एम सलीम खान को मिली तो उन्होंने महिला चिकित्सक डॉ बलजीत कौर से संपर्क करने का प्रयास किया।

लेकिन उन्होंने मिलने से इंकार कर दिया। वही उनके सहयोगी स्वास्थ्य कर्मी राहुल ने अपना बचाव करते हुए मेडिकल बनाने के नाम पर पैसे लेने की बात लिखित रूप में दे दी। वही उसके बयान की एक वीडियो भी बना ली गई। जिसके बाद इस पूरे प्रकरण की शिकायत उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित आला अधिकारियों सहित स्वास्थ्य महकमे के उच्च स्तर के अधिकारियों से की गई थी।

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वास्थ्य विभाग को इस मामले में जांच करने के आदेश दिए थे। जिसके बाद जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ राजेश सिन्हा ने इस मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया, और शिकायतकर्ता को पत्र भेजकर बीती 29 अगस्त 22 को समिति के समक्ष बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था।

शिकायतकर्ता एम सलीम खान समय अनुसार जिला अस्पताल पहुंचे लेकिन समिति के सदस्यों से उनका संपर्क नहीं हुआ। वही उन्हें यह बताकर अस्पताल से टरका दिया गया कि दोनों सदस्य कोर्ट गए हुए हैं। आपकी पुनः बुलाया जाएगा। लेकिन आज तक जिला अस्पताल प्रशासन ने इस मामले में कोई बयान दर्ज नहीं किए हैं। जिसके बाद इस मामले की शिकायत फिर गई है।

संवाददाता अजीत कुमार पांडे की रिपोर्ट